प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के भागलपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए मखाने को ‘सुपरफूड’ बताया और कहा कि वह खुद साल में 300 दिन इसका सेवन करते हैं। उन्होंने बिहार के किसानों को मखाने के वैश्विक उत्पादन और निर्यात पर ध्यान देने की सलाह दी।
(PM Modi) प्रधानमंत्री ने कहा, “अब मखाना पूरे देश में नाश्ते का अहम हिस्सा बन गया है। निजी तौर पर कहूं तो मैं साल के 365 में से 300 दिन मखाना खाता हूं। यह एक सुपरफूड है, जिसे हमें अब वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना चाहिए।”
रैली के दौरान पीएम मोदी (PM Modi) को मखाने की माला पहनाकर सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि हाल ही में पेश किए गए केंद्रीय बजट में बिहार में ‘मखाना बोर्ड’ की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है।
इस बोर्ड का उद्देश्य मखाने के उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना है, जिससे बिहार के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
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बिहार को मिलेगा बड़ा फायदा
बिहार भारत में मखाने का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है, जो देश की कुल आपूर्ति का लगभग 80% उत्पादन करता है। हालांकि, राज्य अब तक इसकी बढ़ती वैश्विक मांग का पूरा फायदा नहीं उठा पाया है। मखाने को एक हेल्दी स्नैक के रूप में दुनियाभर में लोकप्रिय बनाने के लिए सरकार अब बड़े कदम उठा रही है।
मखाने के स्वास्थ्य लाभ
मखाना पोषक तत्वों से भरपूर होता है और इसे सुपरफूड का दर्जा दिया गया है। यह उच्च फाइबर से भरपूर होता है और सूजन, उम्र बढ़ने, रक्त शर्करा नियंत्रण और हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने में सहायक होता है। इसके अलावा, यह वजन प्रबंधन और इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मदद करता है।
बिहार चुनावों से पहले बड़ी घोषणा
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में मखाना बोर्ड की घोषणा इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। राज्य में बीजेपी और जेडीयू की सरकार है, और इस फैसले से स्थानीय किसानों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।