kunal kamra controversy : मुंबई में स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा द्वारा एक वीडियो शेयर करने के बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इस वीडियो में उन्होंने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर व्यंग्य किया था, जिसके चलते शिंदे गुट के समर्थकों में आक्रोश फैल गया।
इस विवाद ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है, जिसमें शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस, और एनसीपी जैसे विपक्षी दलों ने सरकार पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला घोंटने का आरोप लगाया है।
शिवसेना कार्यकर्ताओं की तोड़फोड़, BMC की कार्रवाई
रविवार को सोशल मीडिया पर कुणाल कामरा का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में एकनाथ शिंदे पर तंज कसते हुए एक पुराने बॉलीवुड गाने ‘भोली सी सूरत’ का पैरोडी वर्जन पेश किया गया था। इसके बाद शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ताओं ने खार स्थित हैबिटेट स्टूडियो में जमकर तोड़फोड़ की।
सोमवार सुबह बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के कर्मचारी स्टूडियो में हथौड़े लेकर पहुंचे और वहां तोड़फोड़ की। बीएमसी ने नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किन नियमों का उल्लंघन हुआ था।
स्टूडियो के प्रबंधन ने फिलहाल परिसर को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने एक बयान में कहा, “हम कलाकारों के विचारों और रचनात्मक विकल्पों के लिए जिम्मेदार नहीं हैं, लेकिन हर बार हमें ही निशाना बनाया जाता है।” स्टूडियो ने यह भी कहा कि वे मुक्त अभिव्यक्ति को सुरक्षित तरीके से मंच प्रदान करने के उपायों पर विचार कर रहे हैं।
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फडणवीस और प्रमोद तिवारी आमने-सामने
विवाद पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कुणाल कामरा को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप किसी का अपमान करें।” वहीं, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा, “यह तानाशाही है। संविधान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी गई है, लेकिन सरकार बाहुबल का इस्तेमाल कर इसे कुचलने की कोशिश कर रही है।”
तिवारी ने सवाल उठाया कि जब वीडियो में किसी का नाम नहीं लिया गया, तो शिंदे गुट को इतनी आपत्ति क्यों हो रही है। उन्होंने कहा, “यह ‘दोषी मन बोलता है’ का मामला है। अगर किसी को कुछ आपत्तिजनक लगा है, तो अदालत का दरवाजा खटखटाएं, न कि स्टूडियो में तोड़फोड़ करें।”
शिवसेना (यूबीटी) की प्रतिक्रिया
शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी कुणाल कामरा (kunal kamra) का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “गद्दार को गद्दार कहना किसी पर हमला नहीं है। यह केवल सच्चाई है।” शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा, “2014 से पहले राजनीतिक व्यंग्य और कॉमेडी को सराहा जाता था। अब जो भी व्यंग्य करता है, उसे धमकियां दी जाती हैं। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।”
kunal kamra पर FIR दर्ज
कुणाल कामरा पर खार पुलिस स्टेशन में एकनाथ शिंदे की मानहानि के आरोप में FIR दर्ज की गई है। शिकायत के अनुसार, कामरा ने वीडियो में एकनाथ शिंदे को गद्दार और दल बदलू कहकर उनका अपमान किया है।
दूसरी ओर, शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता नीलेश राणे ने कामरा को धमकी देते हुए कहा, “अगर वे हमारी आस्था और नेताओं को निशाना बनाएंगे, तो हम उन्हें छोड़ेंगे नहीं।”
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बहस तेज
इस पूरे विवाद ने देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस छेड़ दी है। विपक्षी दलों ने इसे तानाशाही करार दिया है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि संविधान की सीमाओं में रहकर ही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।