पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने हाल ही में ईद के मौके पर भाजपा पर आरोप लगाया कि वह हिंदू धर्म को विकृत कर रही है और इसे “गंदा धर्म” बना रही है। ममता ने कहा, “मैं श्री रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद द्वारा अपनाए गए धर्म का पालन करती हूँ, न कि बीजेपी के बनाए गए ‘गंदा धर्म’ का।”
उनकी इस टिप्पणी के बाद भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता से सवाल पूछा, “क्या वह सनातन हिंदू धर्म को गंदा कह रही हैं?” भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी ममता पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने फिर से हिंदू धर्म का अपमान किया है और देश भर में भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा दिया है।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने ममता की टिप्पणी का बचाव किया और कहा कि वह हिंदू धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि भाजपा की विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ बोल रही थीं।
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ममता ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह लोगों को धार्मिक आधार पर बांटने की कोशिश कर रही है और देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, “हम ऐसा नहीं होने देंगे और हम सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इस विवाद ने राज्य में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है, जहां भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। ममता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर उन्हें अल्पसंख्यकों से समस्या है, तो क्या वे संविधान बदल देंगे?”
आखिरकार, यह विवाद सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि धार्मिक पहचान और सांप्रदायिक सौहार्द पर भी सवाल उठाने वाला बन गया है।